न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंचा पीड़ित, बेटे को घंटों हिरासत में रखने का भी आरोप; एसपी से लगाई कार्रवाई की गुहार।
जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली में आज दिनांक 7 अगस्त 2026 दिन शुक्रवार को समय करीब 4 बजे डलमऊ कोतवाली क्षेत्र में फरसे से हमला कर गंभीर रूप से घायल किए जाने का दावा करने वाले एक पीड़ित ने पुलिस की कार्यशैली पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित धर्मराज ने पुलिस अधीक्षक रायबरेली को शिकायती पत्र देकर डलमऊ थाने के दरोगा सैय्यद नासिर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि जानलेवा हमले की शिकायत लेकर थाने पहुंचने के बावजूद आरोपियों पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय उससे कथित तौर पर 10 हजार रुपये की मांग की गई।
शिकायती पत्र के मुताबिक पीड़ित का आरोप है कि 31 जुलाई 2026 को विवाद के दौरान उस पर फरसे से हमला किया गया, जिसमें उसे गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद वह मामले में कार्रवाई की उम्मीद लेकर डलमऊ पुलिस के पास पहुंचा। लेकिन पीड़ित के मुताबिक उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
‘रकम दो, तभी होगी कार्रवाई’ का आरोप
धर्मराज का आरोप है कि मामले की कार्रवाई के नाम पर दरोगा सैय्यद नासिर ने उससे 10 हजार रुपये की मांग की। पीड़ित का कहना है कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह कथित रकम नहीं दे सका। आरोप है कि इसके बाद हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की रफ्तार सुस्त पड़ गई।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह न्याय की मांग को लेकर थाने पहुंचा तो उसके बेटे को घंटों हिरासत में बैठाए रखा गया। इससे पीड़ित परिवार में पुलिस की कार्यशैली को लेकर आक्रोश है।
हमले में घायल, फिर थाने में ‘इंसाफ’ के लिए भटकने का आरोप
पीड़ित ने एसपी को दिए प्रार्थनापत्र में पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है कि यदि पुलिस ही पीड़ित की शिकायत सुनने के बजाय उसे परेशान करेगी और कार्रवाई के नाम पर कथित रूप से पैसे मांगे जाएंगे, तो आम आदमी आखिर न्याय के लिए कहां जाएगा?
