साढ़े तीन करोड़ का पुल एक माह में ‘बीमार’! नैया नाले के नवनिर्मित पुल में बड़ा होल, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

महाराजगंज/रायबरेली करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कैर गांव के पास नैया नाले पर लगभग 3.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नवनिर्मित पुल के जोड़ पर बड़ा होल हो जाने से स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता का माहौल है। हैरानी की बात यह है कि पुल का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसे जुलाई माह में यातायात के लिए खोला गया था, लेकिन महज एक माह के भीतर ही पुल के जोड़ पर गड्ढा बनने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता कटघरे में आ गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस पुल को वर्षों तक सुरक्षित आवागमन के लिए बनाया गया था, वह शुरुआत में ही कमजोर साबित होता दिखाई दे रहा है। लोगों का आरोप है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हुआ होता तो इतनी जल्दी इस तरह की खामी सामने नहीं आती। पुल के जोड़ पर बने होल से बड़े वाहनों के गुजरने के दौरान हादसे की आशंका भी बढ़ गई है,

जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है।ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पुल की तत्काल तकनीकी जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये जनता के टैक्स से खर्च किए जाते हैं, ऐसे में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों की लागत से बना पुल आखिर एक महीने भी क्यों नहीं टिक पाया? क्या निर्माण में मानकों की अनदेखी हुई या फिर गुणवत्ता पर गंभीर लापरवाही बरती गई? इन सवालों के जवाब और विभागीय कार्रवाई का इंतजार क्षेत्र की जनता कर रही है।

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