जेल जाने के बाद भी नहीं थमा झोलाछाप का कारोबार, घर पर चल रहा इलाज का खेल!

रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

महराजगंज, रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग की तमाम कवायदों और पूर्व में हुई कार्रवाई के बावजूद महराजगंज क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिस व्यक्ति पर पहले कार्रवाई हो चुकी है और जिसे जेल की हवा तक खानी पड़ी थी, उसके ऊपर भी इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा। क्षेत्र में चर्चा है कि प्रभावशाली संरक्षण के चलते ऐसे लोग बेखौफ होकर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, महराजगंज-बछरावां रोड स्थित डॉ. कृष्ण कुमार जायसवाल की क्लीनिक पर वर्ष 2008 में स्वास्थ्य विभाग की ओर से छापेमारी की गई थी। जांच के दौरान उनके पास उपचार संबंधी आवश्यक अभिलेख और मान्य दस्तावेज नहीं पाए गए थे। विभाग द्वारा उन्हें दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया था,

लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।इसके बावजूद सूत्रों का दावा है कि वर्तमान में वह अपने आवास पर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। आरोप है कि मरीजों से मोटी फीस वसूली जाती है और बिना पर्याप्त योग्यता के इलाज किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले और प्रदेश में झोलाछाप चिकित्सकों की लापरवाही से कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद ऐसे लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।क्षेत्रवासियों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण झोलाछाप डॉक्टरों के हौसले बुलंद हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ पहले कार्रवाई हो चुकी है,

वह आखिर किसके संरक्षण में दोबारा मरीजों का इलाज कर रहा है। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई की मांग की है ताकि आम नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ पर रोक लग सके।अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है या फिर मरीजों की जान से खिलवाड़ का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।

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