12वें वित्त आयोग की नाली निर्माण फाइल गायब, तत्कालीन लेखाकार पर गबन का मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति।

रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

महराजगंज /रायबरेली। विकास खण्ड महराजगंज में वर्ष 2011-12 के दौरान 12वें वित्त आयोग की धनराशि से कराए गए नाली निर्माण कार्य की महत्वपूर्ण पत्रावली गायब होने का मामला सामने आया है। मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए खण्ड विकास अधिकारी ने तत्कालीन लेखाकार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए थानाध्यक्ष महराजगंज को पत्र भेजा है।

खण्ड विकास अधिकारी महराजगंज अंजु रानी वर्मा द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार उत्तर प्रदेश सहकारी समितियां एवं पंचायतें लेखा परीक्षा दल की जांच के दौरान वित्तीय वर्ष 2011-12 में कराए गए नाली निर्माण कार्य से संबंधित अभिलेखों की मांग की गई थी। उक्त निर्माण कार्य पर 2 लाख 88 हजार 964 रुपये व्यय किए गए थे,

लेकिन संबंधित पत्रावली परीक्षण के लिए उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।पत्र में कहा गया है कि बार-बार मांग के बावजूद अभिलेख प्रस्तुत न किए जाने से यह प्रतीत होता है कि संबंधित फाइल तत्कालीन लेखाकार आशुतोष कुमार श्रीवास्तव द्वारा गायब कर दी गई है। प्रशासन ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता तथा गबन की श्रेणी का मामला मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति की है।

बीडीओ ने थानाध्यक्ष महराजगंज को भेजे गए पत्र में तत्कालीन लेखाकार आशुतोष कुमार श्रीवास्तव पुत्र रूप नारायण श्रीवास्तव, निवासी ग्राम छेदी का पुरवा, पोस्ट राही, जनपद रायबरेली के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

मामले के प्रकाश में आने के बाद विकास खण्ड महराजगंज में हड़कंप मचा हुआ है। करीब 15 वर्ष पुराने निर्माण कार्य की पत्रावली गायब होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब पुलिस जांच और अभिलेखों की पड़ताल के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी।15 साल पुरानी फाइल बनी जांच का केंद्र

लेखा परीक्षा के दौरान सामने आए इस मामले में वर्ष 2011-12 के नाली निर्माण कार्य की फाइल गायब मिली है। अधिकारियों का मानना है कि अभिलेख उपलब्ध न होने से वित्तीय लेन-देन और कार्यों की सत्यता की जांच प्रभावित हो रही है। इसी कारण मामले को गंभीर मानते हुए एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

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