काव्य कलश पुरस्कार-2026 से सम्मानित हुईं प्रतिभाएं, कवियों की रचनाओं ने बांधा समां।
रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
महराजगंज, रायबरेली। हिन्दी काव्य कलश मंच, महाराजगंज के तत्वावधान में हिन्दी दिवस के पावन अवसर पर काव्य संध्या एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां वीणापाणि की वंदना के साथ हुआ।
समारोह की अध्यक्षता पूर्व प्रमुख सत्येंद्र प्रताप सिंह ने की, जबकि मुख्य अतिथि एसडीएम/संयुक्त मजिस्ट्रेट आयुष अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभात साहू तथा क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी डॉ. राकेश ऋषभ ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।समारोह में साहित्य, पत्रकारिता एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को विभिन्न सम्मान प्रदान किए गए।
मंच की ओर से युवा कवियत्री आदित्या मिश्रा, आर.के. पाल तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए मुकेश श्रीवास्तव को ‘काव्य कलश पुरस्कार-2026’ से सम्मानित किया गया। वहीं डॉ. राकेश ऋषभ को ‘अबोध स्मृति सम्मान’, राजकिशोर सिंह को ‘मानस आश्रित स्मृति सम्मान’ तथा पूर्व शिक्षक शीतला प्रसाद को ‘अखिलेश स्मृति सम्मान’ प्रदान किया गया।
समाज सेवा की अनूठी मिसाल पेश करते हुए देहदान का संकल्प लेने वाले दिनेश कुमार सिंह, रामेश्वर सिंह चौहान, विनय त्रिवेदी एवं अमर सिंह राठौर को ‘महर्षि दधीचि सम्मान-2026’ से नवाजा गया।काव्य संध्या में राजकिशोर सिंह ‘किशोर’, सुकृत कनौजिया, रोहित विश्वकर्मा, कुमार मयंक, संतोष शुक्ला, मुकेश पाण्डेय, आदित्या मिश्रा तथा आदित्य मौर्य सहित कई कवियों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कविताओं के माध्यम से हिन्दी भाषा की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक गौरव को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के संस्थापक राकेश जी ने सभी अतिथियों एवं रचनाकारों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन नीरज पांडे ने किया। इस अवसर पर विनोद अवस्थी, केसर बक्स सिंह, मधुकर सिंह, राम विपत, लाल दास, विश्राम सिंह यादव, प्रदीप चौरसिया, रणविजय सिंह, ऋषि श्रीवास्तव, पवन साहू, प्रेमनाथ निर्मल, एसडीकांत सूरज, कृष्णानंद द्विवेदी,
प्रवीण त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्य नागरिक, ग्राम प्रधान, कोटेदार एवं सैकड़ों हिन्दी प्रेमी उपस्थित रहे।
