खनिज परिवहन में बाधा बनी तकनीकी खामियां, समाधान की मांग लेकर पहुंचे ट्रांसपोर्टर

ओवरलोडिंग पर चलेगा सख्त अभियान, शिकायत मिलते ही होगी कार्रवाई : सुरेश लकड़ा।

रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

रायबरेली। जिले के ट्रांसपोर्टरों ने मंगलवार को अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर खनन विभाग का रुख किया। ट्रांसपोर्ट यूनियन के पदाधिकारियों और वाहन स्वामियों का एक प्रतिनिधिमंडल खनन अधिकारी सुरेश लकड़ा से मिला और माइन मित्र एप की तकनीकी खामियों तथा एनआर (नॉन रॉयल्टी) चालानों से हो रही परेशानियों को विस्तार से बताया।

ट्रांसपोर्ट यूनियन के उपाध्यक्ष मनीष पांडे ने बताया कि खनिज परिवहन में उपयोग होने वाला माइन मित्र एप कई बार सही तरीके से काम नहीं करता, जिससे ट्रक चालकों को रास्ते में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि समय पर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी न होने के कारण कई वाहन अनजाने में एनआर की श्रेणी में आ जाते हैं।

इसके बाद विभागीय कार्रवाई और चालान की वजह से वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।उन्होंने मांग की कि तकनीकी खामियों के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए विभाग ट्रांसपोर्टरों को राहत प्रदान करे तथा ऐसी परिस्थितियों में दंडात्मक कार्रवाई से बचाया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने खनन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।

इस पर खनन अधिकारी सुरेश लकड़ा ने ट्रांसपोर्टरों को आश्वस्त करते हुए कहा कि विभाग उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और माइन मित्र एप से जुड़ी शिकायतों का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खनन विभाग का मुख्य उद्देश्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, साथ ही वैध परिवहन करने वालों को अनावश्यक परेशानी न हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा।

खनन अधिकारी ने बताया कि जिले में ओवरलोडिंग के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और जहां भी ओवरलोड वाहन पाए जा रहे हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने ट्रांसपोर्टरों से अपील की कि यदि कहीं भी ओवरलोड वाहन दिखाई दें तो इसकी सूचना विभाग को दें। सूचना मिलते ही संबंधित वाहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मोरंग मंडियों में भी विभागीय टीमें सक्रिय हैं और अभियान के पहले ही दिन कई वाहनों के चालान किए गए हैं। आने वाले दिनों में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि खनिज परिवहन व्यवस्था को पारदर्शी और नियमबद्ध बनाया जा सके।ट्रांसपोर्टरों और खनन विभाग के बीच हुई इस वार्ता के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि तकनीकी समस्याओं और परिवहन से जुड़े विवादों का जल्द समाधान निकल सकेगा, जिससे जिले के सैकड़ों वाहन स्वामियों और चालकों को राहत मिलेगी।

Related posts