इमरजेंसी कक्ष में भी चिकित्सकों की अनुपस्थिति का दावा, मरीजों को लेकर उठे सवाल; सीएमओ से संपर्क का प्रयास भी नहीं हो सका सफल
धारा लक्ष्य समाचार
त्रिवेदीगंज, बाराबंकी। विकासखंड त्रिवेदीगंज क्षेत्र के चौराहा त्रिवेदीगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। धारा लक्ष्य समाचार की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई महत्वपूर्ण पदों से जुड़े जिम्मेदारों की कुर्सियां खाली मिलीं। निरीक्षण के दौरान सीएचसी अधीक्षक मुकुंद पटेल की कुर्सी खाली नजर आई। वहीं दंत चिकित्सक की सीट भी खाली मिली, जबकि इमरजेंसी कक्ष में भी चिकित्सकों की उपस्थिति को लेकर सवाल उठे।
अधीक्षक की कुर्सी खाली तो व्यवस्था पर सवाल
सीएचसी जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र में अधीक्षक की अनुपस्थिति ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। जब अस्पताल की व्यवस्था की निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारी ही मौके पर मौजूद न हों तो अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति और समयबद्धता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
स्थानीय स्तर पर अक्सर सरकारी अस्पतालों में “देर से आना और जल्दी जाना” जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण स्थानों पर कर्मचारियों एवं चिकित्सकों की अनुपस्थिति स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की निगरानी पर भी सवाल खड़े करती है।
इमरजेंसी में चिकित्सकों की मौजूदगी पर भी सवाल
निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी कक्ष में भी चिकित्सकों की कुर्सियां खाली दिखाई देने का दावा किया गया। इमरजेंसी जैसी संवेदनशील सेवा में चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि ड्यूटी के समय जिम्मेदार चिकित्सक मौके पर मौजूद नहीं थे, तो इसकी जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।
अधिकारियों के निरीक्षण और आदेशों के बावजूद व्यवस्था पर सवाल
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक द्वारा समय-समय पर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर अधिकारियों को मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद सीएचसी त्रिवेदीगंज में निरीक्षण के दौरान सामने आई कथित अव्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की स्थानीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
सीएमओ से संपर्क का प्रयास, नहीं मिला जवाब
मामले में जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग का पक्ष जानने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बाराबंकी से दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। ऐसे में अस्पताल में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर विभाग का आधिकारिक पक्ष समाचार प्रकाशित होने तक प्राप्त नहीं हो सका।
जांच हुई तो खुल सकती है हकीकत
सीएचसी में निरीक्षण के दौरान मिली स्थिति को देखते हुए यह आवश्यक है कि स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी ड्यूटी रोस्टर, उपस्थिति पंजिका/बायोमेट्रिक उपस्थिति और निरीक्षण के समय तैनात चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित ड्यूटी समय में अनुपस्थित पाया जाता है तो विभागीय स्तर पर कार्रवाई की स्थिति भी स्पष्ट होनी चाहिए।
धारा लक्ष्य समाचार की टीम द्वारा सामने लाई गई यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए जांच और जवाबदेही का विषय है।
