धारा लक्ष्य समाचार
रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
रायबरेली। अपनी लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सरेनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर अधीक्षक डॉ. शुभम सिंह को ज्ञापन सौंपा। आशा बहुओं ने 7 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री और यूनियन पदाधिकारियों के बीच हुए समझौते को तत्काल लागू किए जाने की मांग उठाई।
ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह करने, आशा संगिनियों के भुगतान में बढ़ोतरी तथा वर्षों से लंबित विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों की प्रोत्साहन राशि का भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने आयुष्मान कार्ड, टीबी उन्मूलन, पोलियो, फाइलेरिया, दस्तक एवं संचारी रोग नियंत्रण अभियान सहित अन्य कार्यक्रमों की बकाया प्रोत्साहन राशि शीघ्र जारी करने की मांग की।
आशा कार्यकर्ताओं ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा, 5 लाख रुपये अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने, चार माह के मातृत्व अवकाश तथा भ्रमण कार्यों के लिए यात्रा भत्ता या दोपहिया वाहन उपलब्ध कराने की भी मांग रखी। साथ ही आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने और भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई।
यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 23 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में विशाल महापड़ाव आयोजित किया जाएगा। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्षों से लंबित मांगों को लेकर अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
