धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रिपोर्टर सतीश कुमार बाराबंकी
बाराबंकी। ग्राम पंचायत में करवाए गए निर्माण कार्य से कार्यों की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार की पोल खुल रही है जो निर्माण के चंद दिनों बाद ही जगह-जगह धंस गई बॉक्सिंग चारों तरफ बिखर गई जिसका कोई पुरसा हाल नहीं शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मामले को दबाने में लगे हुए हैं पूरा मामला बाराबंकी जनपद के सिद्धौर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले मदारपुर बहादुर सिंह का है
जहां पर बाराबंकी से हैदरगढ़ रोड से विद्युत उप केंद्र से होते हुए महा शिव शक्ति बीपी स्मारक इंटर कॉलेज मदारपुर बहादुर सिंह तक जाने वाला इंटरलॉकिंग रास्ता जो क्षेत्र पंचायत के माध्यम से लगभग रु०10 लाख लागत से पिछले दो /तीन माह पूर्व बनाया गया था जो कोठी और मदारपुर बहादुर सिंह ग्राम पंचायत के बॉर्डर पर स्थित है जो एक भी बारिश नहीं झेल पाया और इंटरलॉकिंग जगह-जगह धंस गई बॉक्सिंग बिखर गई ।
जिससे उसकी गुणवत्ता और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं जिससे यह प्रतीत होता है कि निर्माण कार्य में जमकर कमीशन खोरी की गई और मानकों का जरा भी ध्यान नहीं दिया गया ग्रामीणों ने बताया कि निर्माणाधीन के समय कई बार इसकी शिकायत संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से लेकर जन प्रतिनिधियों से की मौखिक की गई लेकिन सभी की आंखों पर गांधी जी का चश्मा लगा था।
जो गुणवत्ता की ओर जरा भी ध्यान नहीं दिए सूत्रों ने बताया कि इस इंटरलॉकिंग का निर्माण कार्य क्षेत्र के एक रोजगार सेवक (ठिकेदार) द्वारा कराया गया था गिट्टी और बालू की कुटाई किए बिना ही इंटरलॉकिंग का निर्माण कार्य कर दिया गया जो आज कई जगहों पर धंस गई है ।यही नही निर्माण कार्य पूर्ण होने के दौरान माननीय द्वारा जो शिलान्यास किया गया ।
वह पहली बारिश और तेज हवा नहीं झेल पाया जो देखते ही देखते हवा के झोंके से उलट गया जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्य के दौरान कितना मजबूत और टिकाऊ सामग्री का प्रयोग किया गया है ।जिस पर निगरानी करने वाले सिर्फ और सिर्फ ब्लॉक कार्यालय में बैठकर पेपरो की गुणवत्ता परखते रहे और प्रसनटेज पर नजरे बनाए रहे ।
