Dhara lakshya samachar
त्रिवेदीगंज। वारावंकी रमनन चौराहा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के निकट शुमभा परींवामें शनिवार की रात आयोजित प्रथम भव्य जवाबी कीर्तन समारोह ने इतिहास रच दिया। रायबरेली के मशहूर कवि अजनबी शैलानी और मध्य प्रदेश की सुरों की मलिका कल्पना दुबे के बीच हुई जोरदार जवाबी टक्कर देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी।
जैसे ही कल्पना दुबे ने मंच संभाला, “कोई जान पाया ना माँ का मरम” गाकर पूरे पंडाल को भावुक कर दिया। उसके बाद ” जगन्नाथ पुरी की महिमा का ऐसा गुणगान किया कि लोग कुर्सी से उठकर नाचने लगे।
फिर बारी आई अजनबी शैलानी की। उन्होंने माँ सरस्वती की वंदना “एक बार विद्या ज्ञान का वरदान दीजिए, स्वर शारदे माँ वीणा के मुझे तार दीजिए” से शुरुआत की और “बड़ी है माता तो पिता भी कुछ कम नहीं, जान पाता नहीं पितु का मरम” गाकर ऐसा जवाब दिया कि पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।
मौजूद बुजुर्गों ने कहा – “भैया 20 साल में ऐसा जवाबी कीर्तन नहीं सुना।” दोनों कलाकारों की जुगलबंदी, शब्दों का चयन, और ज्ञान की बातों ने लोगों का दिल जीत लिया। ढोलक की थाप, हारमोनियम की धुन और दोनों गायकों की आवाज में लोग सुबह 6 बजे तक डटे रहे। अंत तक दोनों पार्टियां बराबरी पर टक्कर देती रहीं।
मुख्य अतिथि के रूप में हैदरगढ़ विधायक दिनेश रावत, चेयरमैन आलोक तिवारी, भाजपा नेता अरुण शुक्ला, प्रधान रिंकू पाल, प्रधानतारा चन्द, पूर्व प्रधान रतनदीप रावत, मंडल अध्यक्ष सचिन वर्मा, प्रधान मोहित वर्मा प्रधान प्रतिनिधि गनहरी अंकुर वर्मा सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
