जिलाधिकारी ने जारी की अधिसूचना, नियम तोड़ने वालों पर होगी चालान और निरुद्धीकरण की कार्रवाई।
जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली। सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने तथा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने जनपद के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर कुल सात पार्किंग एवं होल्डिंग स्थलों को अधिसूचित करते हुए उन्हें आधिकारिक रूप से होल्डिंग एरिया घोषित कर दिया है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
जिलाधिकारी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद एवं परिवहन विभाग के निर्देशों के क्रम में तहसील स्तर पर प्राप्त प्रस्तावों तथा संयुक्त निरीक्षण एवं सर्वेक्षण के आधार पर जनपद के महत्वपूर्ण मार्गों पर सात स्थानों का चयन किया गया है। इन स्थानों को मोटर वाहन अधिनियम-1988 की धारा 117 तथा उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 के नियम 195 के अंतर्गत होल्डिंग एरिया घोषित किया गया है।
प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थलों में लालगंज-डलमऊ संपर्क मार्ग, डलमऊ-फतेहपुर रोड, मोती पेड़ा के सामने स्थित भूमि, बछरावां क्षेत्र के कन्दावा गांव, सलोन क्षेत्र की सूची चौकी के निकट स्थित मैदान, डीह क्षेत्र के दोस्तपुर बढ़वारा स्कूल के सामने खाली भूमि तथा नसीराबाद थाना क्षेत्र में परैयानमकसार चौकी के निकट स्थित खाली भूमि शामिल हैं।जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी वाहन चालक एवं वाहन स्वामी अपने वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग और होल्डिंग स्थलों पर ही खड़ा करें।
सड़क किनारे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, एक्सप्रेस-वे अथवा अन्य प्रमुख मार्गों पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा करना कानूनन अपराध माना जाएगा।प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई वाहन चालक अथवा स्वामी निर्धारित स्थलों के अलावा सड़क किनारे वाहन खड़ा करता पाया जाता है,
तो उसके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की धारा 122, 177 तथा अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत चालान, जुर्माना और वाहन निरुद्धीकरण जैसी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई की पूरी जिम्मेदारी संबंधित वाहन स्वामी या चालक की होगी।जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने कहा कि यह निर्णय जनहित और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर रोक लगेगी, यातायात व्यवस्था सुचारु होगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
