सौ मीटर सड़क बनी ग्रामीणों की सबसे बड़ी परेशानी

जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

रायबरेली। चंदापुर थाना क्षेत्र के जनई टावर से पूरे घोपाईया, मजरा जनई गांव को जोड़ने वाली करीब 150 मीटर सड़क वर्षों से अधूरी पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि अंग्रेजों के समय से यह छोटा सा हिस्सा आज तक पक्का नहीं बन सका, जिससे पूरे गांव के लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।बरसात के मौसम में यह कच्चा मार्ग कीचड़ और जलभराव से भर जाता है।

ऐसे में गांव में किसी के बीमार होने पर एंबुलेंस भी घर तक नहीं पहुंच पाती। मजबूरी में मरीजों को चारपाई या कंधों के सहारे मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है।

इस बदहाल सड़क का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। बारिश के दौरान कीचड़ और फिसलन के कारण छात्र-छात्राएं समय पर विद्यालय नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित होती है।ग्रामीण बसंत बहादुर सिंह सहित कई महिलाओं ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को होती है। उनका कहना है कि बारिश के समय एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती और छोटे बच्चों को स्कूल जाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क के निर्माण के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द इस 150 मीटर सड़क का निर्माण कराए जाने की मांग की है, ताकि गांव के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सके।

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