ऑल इंडिया उद्योग व्यापार मंडल और किसान नेता ने दिया समर्थन, सलोन एसडीएम पर लगाए गंभीर आरोप।
जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली। तहसील सलोन क्षेत्र के पूरे गौतम मजरे मकदूमपुर में पैतृक जमीन को लेकर चल रहे विवाद ने शनिवार को तूल पकड़ लिया। जमीन पर कार्रवाई के विरोध में व्यापारी नेता जीसी सिंह चौहान आमरण अनशन पर बैठ गए। उनके समर्थन में ऑल इंडिया उद्योग व्यापार मंडल (चौहान गुट) के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ किसान नेता सदाशिव पांडे भी धरने पर बैठे।
कलेक्ट्रेट स्थित विकास भवन परिसर में शुरू हुए धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सलोन एसडीएम के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मामले में न्याय की मांग की।
धरना स्थल पर लगाए गए बैनर पर लिखा था— *दादा बड़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपैया*और *खाता न बही, जो भू-माफिया जो कहे वही सही*। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनकी पैतृक जमीन पर विपक्षी पक्ष के इशारे पर लेखपाल की मौजूदगी में जेसीबी चलाकर शिव मंदिर और हरे-भरे पेड़ों को नष्ट कर दिया गया।
व्यापारी नेता जीसी सिंह चौहान का आरोप है कि उक्त भूमि को लेकर मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और न्यायालय से स्टे होने के बावजूद सलोन एसडीएम की कथित मिलीभगत से जमीन पर जेसीबी चलवाकर कार्रवाई कराई गई।
उन्होंने कहा कि उनके परिवार की पैतृक संपत्ति को जबरन खाली कराने का प्रयास किया गया, जिससे उन्हें आर्थिक और भावनात्मक क्षति पहुंची है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा। धरने पर बैठे लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच करने तथा जमीन पर हुई कार्रवाई को लेकर उचित कार्रवाई की मांग की।
वहीं, पूरे मामले में सलोन एसडीएम का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। दूसरी ओर, तहसीलदार सलोन ने बताया कि सरकारी जमीन को खाली कराने की कार्रवाई की गई थी।
अधिकारियों के इस पक्ष के बाद जमीन के स्वामित्व और कार्रवाई को लेकर दोनों पक्षों के दावों में विरोधाभास सामने आ रहा है।
मामला नसीराबाद थाना क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण अब धरने और लगाए गए आरोपों को लेकर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर लोगों की नजर है।
