79 साल बाद भी नहीं बनी सड़क, ग्रामीणों ने सड़क पर रोपा धान; बोले- “रोड नहीं तो वोट नहीं

रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

रायबरेली, सरेनी।सरेनी क्षेत्र के दुधवन-छिवलहा संपर्क मार्ग की बदहाल स्थिति से परेशान ग्रामीणों का सब्र शनिवार को जवाब दे गया। आजादी के 79 वर्ष बाद भी पक्की सड़क का निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क पर धान की रोपाई कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।पूरे मोती मजरे दुधवन गांव के ग्रामीणों ने गड्ढों और कीचड़ से भरे मार्ग पर धान लगाकर अपनी नाराजगी जताई।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह सड़क तालाब का रूप ले लेती है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। ग्रामीणों को मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों को स्कूल भेजने तथा किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हर चुनाव में जनप्रतिनिधि सड़क निर्माण का वादा करते हैं,

लेकिन चुनाव खत्म होते ही समस्या को भुला दिया जाता है। वर्षों से सड़क निर्माण की मांग के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने “रोड नहीं तो वोट नहीं” के नारे लगाए और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आगामी चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से दुधवन-छिवलहा मार्ग का स्थायी समाधान कर शीघ्र पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग की।

प्रदर्शन में रामपाल, सूर्यमणि कुशवाहा, खुशी, सरस्वती सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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