सत्ता परिवर्तन रैली में शिक्षा, रोजगार और पेपर लीक के मुद्दे उठाए; आंबेडकर प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
धारा लक्ष्य समाचार
जिला संवाददाता शफीक अहमद
सीतापुर। शुक्रवार को मिश्रिख के मेला मैदान में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की ओर से सत्ता परिवर्तन रैली आयोजित की गई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया। सभा में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे।
सभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि इससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने रोजगार की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर कार्रवाई किए जाने का भी आरोप लगाया।
आजाद ने कहा कि वह लोगों के अधिकार और इंसाफ की लड़ाई के लिए सक्रिय हैं। उन्होंने अपने काफिले पर हुए कथित हमले का जिक्र करते हुए कहा कि वह ऐसे मामलों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और मान्यवर कांशीराम के मिशन को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने पार्टी प्रत्याशियों सौरभ किशोर और बाल गोविंद भार्गव के समर्थन में भी अपील की।
ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर की मांग
चंद्रशेखर आजाद ने चुनाव आयोग से ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच उठ रहे सवालों का समाधान किया जाना चाहिए।
सभा के बाद वह मिश्रिख तहसील के सामने स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पहुंचे और माल्यार्पण कर नमन किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने सहारनपुर की मस्जिद से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने धार्मिक स्थलों से संबंधित मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई और संबंधित पक्ष को अपनी बात रखने का अवसर दिए जाने की बात कही। मामले में प्रशासन की कार्रवाई और संबंधित पक्ष के दावों को लेकर अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं।
रैली को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए थे। मेला मैदान और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान पार्टी के प्रदेश व जिला स्तर के पदाधिकारी, भीम आर्मी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
