नदियां उफान पर, 600 से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

केशव ग्रीन सिटी में फंसे सभी लोगों का रेस्क्यू, पुलिस-एसडीआरएफ-एनडीआरएफ ने चलाया अभियान; महमूदाबाद में डीएम ने लिया जायजा

धारा लक्ष्य समाचार

जिला संवाददाता शफीक अहमद

सीतापुर। सरायन, पिराई और चौका नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिले में बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है। शहर में चिन्हित विद्यालयों, धर्मशालाओं और अन्य बाढ़ आश्रय स्थलों में 600 से अधिक लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सरायन नदी के बढ़े जलस्तर से प्रभावित केशव ग्रीन सिटी में सोमवार को पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार कॉलोनी में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मोटर बोट, लाइफ जैकेट और अन्य बचाव उपकरणों की मदद से महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। कुछ पालतू पशुओं को भी बाहर निकाला गया।

पुलिस के अनुसार अभियान पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देशन में दिन-रात चलाया गया। रेस्क्यू के बाद कॉलोनी में किसी व्यक्ति के फंसे होने की सूचना नहीं है। सुरक्षित निकाले गए लोगों को राहत आश्रय स्थलों तक पहुंचाया गया है। प्रशासन की ओर से आश्रय स्थलों पर बच्चों के लिए दूध, बिस्किट और चाय के साथ भोजन की व्यवस्था की गई है।

उधर, चौका नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने महमूदाबाद तहसील के गुडैचा, चंदौली, गंगापुरवा, बेलहरी, हैठी, प्रेमनगर चौराहा, पठानन पुरवा और धंधार समेत चंदौली घाट से लगे प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर जलभराव और आवागमन की स्थिति की जानकारी ली। कुछ स्थानों पर पानी सड़कों तक पहुंचा है, हालांकि ग्रामीणों के अनुसार आवागमन पूरी तरह बाधित नहीं हुआ है।

डीएम ने प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग और संबंधित लेखपालों को क्रॉप सर्वे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने संकरी पुलियाओं के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण की मांग रखी। उनका कहना है कि इससे जल निकासी बेहतर होगी और जलभराव की समस्या से राहत मिल सकेगी।

प्रशासन ने लोगों से सरायन, पिराई और चौका नदी के किनारे तथा अन्य जलभराव वाले निचले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। बच्चों और मवेशियों को तेज बहाव से दूर रखने तथा बाढ़ से जुड़ी अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने को कहा गया है। आपात स्थिति में डायल-112 पर सूचना देने की अपील की गई है।

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