(मामला हर घर नल से जल योजना का)
धारा लक्ष्य समाचार
रिपोर्ट राजेश कुमार बाराबंकी
त्रिवेदीगंज, बाराबंकी। सरकार की बहु प्रचारित जल जीवन मिशन योजना आम आदमी के लिए सिरदर्द देने वाली साबित हो रही है। विकास क्षेत्र की ग्राम पंचायत गौरवा उसमानपुर में इस योजना को धरातल पर उतारने वाली कार्यदाई संस्था मे. मेघा इण्डस्ट्रीज की कार्यशैली ग्रामीणों के लिए हर तरह से परेशानी पैदा करने के काम करती रहती है। संस्था शासन को शुरू से गुमराह करके अपनी मनमानी से ग्रामीणों में सरकार के प्रति नाराजगी पैदा करने का काम कर रही है।
सौ प्रतिशत पूर्णता से इस ग्राम पंचायत में हर घर नल योजना को अमलीजामा सिर्फ कागज पर पहनाया गया है। ग्राम पंचायत वासी कवि पत्रकार व सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार वाजपेयी शिवम् ने बताया कि गौरवा उसमानपुर पंचायत में इण्टरनेट पर पंचायत में कुल 492 घरों के सर्वेक्षण के सापेक्ष 488 घरों को नल से जल उपलब्ध कराये जाने का उल्लेख वर्षों पूर्व ही कर दिया गया। लेकिन धरातल पर हालात इसके विपरीत हैं।
कई बार आईजीआरएस पर शिकायत के बाद नल कनेक्शन के लिए खुदाई कई जगह हुई तो तिलोकपुर के वार्ड नं 9 में पूर्व में डाली गई पाइप लाइन ही नहीं मिली। ग्रामीणों ने जब मौके पर पहुँचे ठेकेदार व जल निगम के एई का आक्रोशित हो घेराव किया तो पुनः इण्टरलाकिंग खोदकर नयी पाइप लाइन बिछाई गयी। लेकिन बीते एक पखवारे से पाइपलाइन से ग्रामीणों को नल के कनेक्शन कर कनेक्शन पाइप यूँ ही छोड़ दिए गए हैं।
अबतक न तो रास्ता पाटा गया और न तो नल ही टोंटी लगाकर खड़े किए गए। हाँ सुबह शाम टंकी से आपूर्ति चालू किए जाने से रास्तों में ही पानी भर रहा है। नतीजतन ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं इसी वार्ड के दूसरी तरफ के नरोत्तम कुमार, अवनीश वाजपेयी, सचिन कुमार ने बताया कि उनकी तरफ तो नल का कनेक्शन लगाने की बात ही छोडिये अभी तक पाइपलाइन ही नहीं डाली गई है।
इन लोगों ने बताया कि मामले की शिकायत आईजीआरएस पर दर्ज कराई गई है। वहीं पंचायत के उसमानपुर गाँव में वार्ड नं 7 व 8 में तीन दर्जन घरों में नल का कनेक्शन नहीं दिया गया है। वार्डवासी गया प्रसाद, सुखमी लाल, रामकुमार, गुरु दयाल, रामहेत, कमलेश, चन्द्र कुमार, मायाराम, विरेंद्र, सियाराम, राहुल, दीपक, रामदीन, चन्द्रशेखर उर्फ राजू, ज्ञानी प्रसाद, रमेश, रामकली,
बद्री प्रसाद, सुनीता, रामफेरन, रामविलास, दुजई, रमेश, रोशन लाल व चन्द्र शेखर आदि ने बताया कि तीन साल होने को हैं पर अभी तक हम लोगों के घरों में नल के कनेक्शन ठेकेदार ने नहीं दिया है। नल कनेक्शन से वंचित इन ग्रामीणों ने भी आईजीआरएस पर नल कनेक्शन के लिए शिकायत दर्ज कराई है। अब सवाल यहाँ यह कि जब कार्यदाई संस्था ने सौ प्रतिशत लोगों के घरों को कनेक्शन दिए दिखा रहा है। तो यह नल कनेक्शन से वंचित नागरिक कहीं और देश से आकर इस बीच बस गये हैं क्या??
अथवा कार्यदाई संस्था ने जिन नामों से कनेक्शन दिए जाना इण्टरनेट पर प्रदर्शित किया है सभी फर्जी हैं। सुनील कुमार वाजपेयी शिवम् ने बताया कि इण्टरनेट पर जो सूची देखी है उसमें आधे से अधिक नाम गौरवा उसमानपुर के नहीं हैं। सूची में सैकड़ों मुस्लिम व सिंह लोगों के नाम दर्ज हैं।
पूरी पंचायत में मात्र दस घर मुस्लिमों के हैं। जबकि सिंह का एक भी घर नहीं है। यानी कि हकीकत से सरकारी आंकड़े काफी दूर और फर्जी हैं तभी तीनों गाँव में सैकड़ों लोग नलों के कनेक्शन से वंचित पड़े हैं।
