बालिका सशक्तीकरण के साथ शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर जोर, हजरतपुर में शिक्षक नदारद तो इस्माइलगंज में बंद मिला विद्यालय
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
जिला संवाददाता शफीक अहमद
सीतापुर। मिशन शक्ति अभियान के तहत कंपोजिट विद्यालय पुलिस लाइन की मेधावी छात्रा अनुष्का को एक दिन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और प्रशासनिक समझ विकसित करना है। बीएसए की भूमिका निभाते हुए अनुष्का ने विद्यालयों में पर्याप्त कक्षा-कक्ष, शिक्षकों की समय से उपस्थिति, निर्धारित ड्रेस कोड के पालन तथा सरकारी धनराशि के समयबद्ध आवंटन और पारदर्शी उपयोग पर जोर दिया।
वहीं, दूसरी ओर बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल के आकस्मिक निरीक्षण में बेहटा और रेउसा विकासखंड के दो विद्यालयों में गंभीर लापरवाही सामने आई।
मंगलवार को निरीक्षण के दौरान सुबह 9:07 बजे कंपोजिट विद्यालय हजरतपुर में कोई शिक्षक उपस्थित नहीं मिला। इस पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक सुरेंद्र कुमार राजवंशी का एक दिन का वेतन रोकने और निलंबन के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। अन्य शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का भी एक दिन का वेतन रोकने तथा नोटिस जारी करने को कहा गया।
सुबह 9:18 बजे सहायक अध्यापिका जया लक्ष्मी विद्यालय पहुंचीं। वहीं, सुबह 9:30 बजे प्राथमिक विद्यालय इस्माइलगंज बंद मिला और बच्चे गेट के बाहर शिक्षकों का इंतजार करते मिले। बच्चों ने बताया कि शिक्षक सुबह 10 बजे के बाद आते हैं। मामले में इंचार्ज प्रधानाध्यापक अभिषेक जसवानी के निलंबन तथा अन्य संबंधित कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय सुमेर में बीएसए ने बच्चों से हिंदी के शब्द लिखवाकर उनकी शैक्षिक जानकारी परखी। विद्यालय में हैंडवॉश, शौचालय, रंगाई-पुताई, बल्ब और पंखों की व्यवस्था दुरुस्त कराने को कहा। प्राथमिक विद्यालय दरियाना में बच्चों से गणित के प्रश्न हल करवाए और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उच्च प्राथमिक विद्यालय सिसैया में प्रधानाध्यापक राजेश कुमार पांडेय और सहायक अध्यापक सुबोध तिवारी अनुपस्थित मिले, जिनका एक दिन का वेतन रोकने को कहा गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय रमुवापुर में साफ-सफाई की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।
दोपहर 12:30 बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय ढाखिन में सहायक अध्यापक जयवीर सिंह अनुपस्थित मिले, जिनका एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। यहां हैंडवॉश में टोंटियां नहीं थीं और शौचालय में पानी की कनेक्टिविटी भी नहीं मिली।
इस पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक वीरेंद्र कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा गया। मिशन शक्ति के तहत छात्रा को प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपने की पहल जहां बालिका सशक्तीकरण का संदेश देती है, वहीं निरीक्षण में मिली कमियां शिक्षा विभाग के सामने विद्यालयों में नियमित उपस्थिति और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की चुनौती भी उजागर करती हैं।
