किसानों को मशीनीकरण अपनाने की सलाह, मैकेनिकल केन हार्वेस्टर से गन्ना कटाई शुरू कराने की तैयारी
धारा लक्ष्य समाचार
हैदरगढ़। शरदकालीन गन्ना बुवाई को बढ़ावा देने एवं किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से शुक्रवार को बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड, इकाई-हैदरगढ़ के सौजन्य से ग्राम बेला पश्चिमी एवं देउरा में कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में क्षेत्र के बड़ी संख्या में प्रगतिशील गन्ना किसानों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में किसानों को गन्ने की खेती में आधुनिक तकनीक, मशीनीकरण, उन्नत बीज तथा बेहतर उत्पादन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक बी.के. यादव, उप महाप्रबंधक (गन्ना) धर्मेश मेहरोत्रा, रीजनल हेड सुरेशानन्द पाण्डेय एवं क्षेत्रीय अधिकारी रामहेत पाण्डेय सहित चीनी मिल के गन्ना विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
मजदूरों पर निर्भरता कम करने को मशीनीकरण पर जोर
मुख्य महाप्रबंधक बी.के. यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए गन्ना खेती में हो रहे विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गन्ना खेती में श्रमिकों पर बढ़ती निर्भरता और उत्पादन लागत को देखते हुए किसानों को कृषि कार्यों में मशीनीकरण को अपनाना चाहिए। उन्होंने गन्ना कटाई एवं छिलाई में किसानों के सामने आने वाली समस्याओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इस पेराई सत्र में मैकेनिकल केन हार्वेस्टर के माध्यम से गन्ना कटाई एवं छिलाई शुरू कराने की योजना है।

उन्होंने कहा कि हार्वेस्टर के सफल प्रयोग के बाद मिल क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त हार्वेस्टर उपलब्ध कराने की योजना पर भी विचार किया जाएगा। इससे किसानों की मजदूरों पर निर्भरता कम होगी और गन्ने की उत्पादन लागत में कमी आएगी। साथ ही पूरे प्लॉट की एक साथ कटाई होने से पेड़ी प्रबंधन में भी सुविधा होगी।
मुख्य महाप्रबंधक ने कहा कि मिल क्षेत्र में गन्ने का रकबा कम होने के कारण चीनी मिल को बाहरी क्षेत्रों से गन्ना खरीदकर लाना पड़ रहा है। उन्होंने किसानों से मिल क्षेत्र में गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ाने तथा अधिक से अधिक क्षेत्र में शरदकालीन गन्ने की बुवाई करने का आह्वान किया।
किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की दी जानकारी
गन्ना विभाग के उप महाप्रबंधक धर्मेश मेहरोत्रा ने शरदकालीन गन्ना बुवाई के दौरान चीनी मिल की ओर से किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों को उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक दवाएं, समय पर तकनीकी मार्गदर्शन तथा बुवाई के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से इन सुविधाओं का लाभ उठाकर अधिक से अधिक क्षेत्रफल में शरदकालीन गन्ने की बुवाई करने का आह्वान किया, जिससे भविष्य में बेहतर उत्पादन एवं लाभ प्राप्त किया जा सके।
गोष्ठी की अध्यक्षता गन्ना समिति सुल्तानपुर के चेयरमैन शिव कुमार सिंह ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन चीनी मिल के रीजनल हेड सुरेशानन्द पाण्डेय ने किया। इस दौरान चीनी मिल के गन्ना विभाग के समस्त क्षेत्रीय अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
सिंगल बड विधि से बोए गए गन्ने के प्लॉट का निरीक्षण
गोष्ठी के उपरांत मुख्य महाप्रबंधक बी.के. यादव ने ग्राम देउरा में सिंगल बड विधि से बोए गए गन्ने के प्लॉट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गन्ने की फसल की स्थिति एवं बुवाई की तकनीक का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्रगतिशील कृषक राजेश कुमार द्विवेदी, चंद्रशेखर उपाध्याय, चंद्रनाथ पाण्डेय, संतोष तिवारी, प्रदीप कुमार, संदीप पाण्डेय सहित अन्य कृषक मौजूद रहे।
संगोष्ठी में किसानों ने गन्ने की खेती से संबंधित विभिन्न विषयों पर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की तथा आधुनिक तकनीक एवं मशीनीकरण को अपनाने में रुचि दिखाई।
