बारिश का कहर: गरीबों के आशियाने उजड़े, फसलें बर्बाद। झमाझम बारिश ने मचाई तबाही, गांवों में संकट गहराया

रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

महराजगंज/रायबरेली। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी है। कहीं गरीबों के आशियाने उजड़ गए तो कहीं किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। जलभराव, बिजली संकट और फसलों के नुकसान से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।शनिवार को कुसुढ़ी-सागरपुर चौराहे पर अचानक एक विशालकाय पेड़ धराशायी हो गया,

जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया और घंटों तक आवागमन प्रभावित रहा। वहीं तेज हवाओं और बारिश के चलते कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां टूटकर बिजली लाइनों पर गिर गईं, जिससे नारायनपुर, बखतखेर, गहिरा, पलटगीर, पूरे हुल्ली, जुगराजपुर सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। ग्रामीण अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर हैं।

नारायनपुर गांव के बाहर स्थित मुख्य तालाब पर हुए अतिक्रमण और जलनिकासी व्यवस्था बाधित होने से बारिश का पानी आबादी तक पहुंच गया है। कई घरों में पानी घुसने से आधा दर्जन से अधिक परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनई गांव में भी जलभराव के कारण लोगों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

लगातार बारिश ने गरीब परिवारों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कैर गांव निवासी राजेश की झोपड़ी शनिवार सुबह बारिश के चलते भरभराकर गिर गई, जिससे परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया।उधर बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। खेतों में पककर तैयार धान की फसलें तेज हवाओं और बारिश के कारण जमीन पर बिछ गई हैं। टूक गांव के किसान धर्मवीर सिंह की करीब छह बीघा धान की फसल पूरी तरह गिरकर खराब हो गई।

वहीं मोन गांव के किसान अमरेंद्र, विपुल, सुशील, समरजीत, रामदेव, रामहेत और कमलेश ने बताया कि धान की बालियों पर बढ़े वजन और तेज हवाओं के चलते फसलें खेतों में धराशायी हो गई हैं। पानी भर जाने से फसलों में सड़न का खतरा भी मंडरा रहा है।

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