जरूरतमंद परिवारों तक नहीं पहुंची सरकारी मदद, जांच की मांग तेज।
रिपोर्टर: रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
महराजगंज, रायबरेली। बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए शासन द्वारा भेजी गई राहत सामग्री के वितरण को लेकर कोटवा मदनिया ग्राम पंचायत में विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि राहत सामग्री का वितरण पारदर्शी तरीके से न कर कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाया गया, जबकि वास्तविक बाढ़ पीड़ित परिवार सहायता से वंचित रह गए।ग्रामीणों के अनुसार हाल ही में आई बाढ़ और जलभराव से गांव के कई गरीब परिवारों के घरों में पानी भर गया तथा खेतों में खड़ी फसलें भी प्रभावित हुईं।
ऐसे परिवारों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से शासन की ओर से राशन सामग्री भेजी गई थी। आरोप है कि राहत सामग्री का वितरण गुपचुप तरीके से किया गया और अधिकांश जरूरतमंद परिवारों को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों को सरकारी सहायता की सबसे अधिक आवश्यकता थी, उन्हें राहत सामग्री नहीं मिली। वहीं कुछ ऐसे लोगों को भी लाभार्थी बनाया गया जिन पर बाढ़ का कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक नहीं की गई।
गांव के लोगों का कहना है कि यदि वितरण पूरी तरह नियमों के तहत हुआ है तो प्रशासन लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक करे, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि राहत सामग्री किन-किन लोगों को वितरित की गई। इससे वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता की आशंका दूर होगी।
मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, पात्र बाढ़ पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
