विद्युत व्यवस्था सुधारने, भवन मरम्मत और खेल सुविधाएं विकसित करने के दिए निर्देश, छात्रों को तत्काल उपलब्ध कराए गए कूलर व फ्रिज।
रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने शनिवार को जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, शेषपुर समोधा का औचक निरीक्षण कर छात्रों को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षिक, आवासीय एवं अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, प्रयोगशाला, रसोईघर, डायनिंग हॉल तथा छात्रावास का बारीकी से निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गुणवत्ता परखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने रसोईघर और डायनिंग हॉल का निरीक्षण कर छात्रों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और प्रधानाचार्य को निर्देशित किया कि छात्रों को पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा भोजन व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।निरीक्षण के दौरान डीएम ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताएं सुनीं।
छात्रों ने विद्युत आपूर्ति, छात्रावास और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को उनके सामने रखा जिलाधिकारी ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए और कहा कि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने बताया कि विद्यालय ग्रामीण फीडर से जुड़ा होने के कारण विद्युत आपूर्ति में दिक्कतें आ रही हैं,
जिन्हें जल्द दूर कराया जाएगा ताकि छात्रों को निर्बाध बिजली मिल सके। साथ ही विद्यालय भवन के रखरखाव और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से कराने के निर्देश भी दिए गए।
छात्रों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर ही डायनिंग हॉल के लिए एक वाटर कूलर तथा छात्रावास के लिए एक फ्रिज और दो कूलर उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि विद्यालय में रहने वाले बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।डीएम ने विद्यालय में खेल सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं।
उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल, भोजन, छात्रावास और खेल सुविधाओं सहित सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष अग्रवाल, क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी आर.वी. सिंह, प्रधानाचार्य अवधेश प्रसाद सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
